Prem Magan – Lyrics
क्या पानी क्या कोई अगन
मैं तो हुई कान्हा तेरी जोगन,
क्या धरती क्या कोई गगन
मैं तो हुई कान्हा तेरी जोगन..
जग भूली मैं तो ओ रे कान्हा !!
करके तुझको नमन
हुई रे हुई मैं तो "प्रेम मगन"...
हुई रे हुई मैं तो "प्रेम मगन"
हुई रे हुई मैं तो "प्रेम मगन"...
हुई रे हुई मैं तो "प्रेम मगन"
बन के मोर मुकुट में कान्हा
माथे तेरे सज जाऊं,
बन के बांसुरी मेरे कान्हा
होठ तेरे छू जाऊं..
गर ये भी जी ना हो पाए तो
पैरों में तेरे सो जाऊं,
डूब के तुझको ओ रंग रसिया
खुद से ही मैं खो जाऊं..
जग भूली मैं तो ओ रे कान्हा
पाकर तेरी शरण
हुई रे हुई मैं तो "प्रेम मगन"
हुई रे हुई मैं तो "प्रेम मगन"
हुई रे हुई मैं तो "प्रेम मगन"
हुई रे हुई मैं तो "प्रेम मगन"
कृष्णाय वासुदेवाय हरये परमात्मने
प्रणतः क्लेशनाशाय गोविंदाय नमो नमः:
कृष्णाय वासुदेवाय हरये परमात्मने
प्रणतः क्लेशनाशाय गोविंदाय नमो नमः:
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| Song | Prem Magan |
| Artist | Komal Chaudhary |
| Album | Prem Magan |
| Language | Hindi |
| Year | 2025 |
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Prem Magan lyrics by Komal Chaudhary. From the album Prem Magan. Read full lyrics and download the MP3 in HD quality on MP3Maza.